मुंबई। जुलाई २०११ में अंधेरी पूर्व में स्थित वीर शैव को-ऑपरेटिव्ह बैंक के बंद होने से कुल ६० हजार से भी अधिक बैंक के खाताधारकों का पैसा डूबने से लोग सड़क पर आ गए थे। जिसको लेकर ग्राहकों की डूबी रकम वापस दिलाने के लिए शिवसेना नेता गजानन किर्तीकर एवं शिवसेना उत्तर भारतीय मंच के अध्यक्ष वैâलाशनाथ पाठक निरंतर प्रयास में लगे थे। आखिरकार बैंक में जमा १२५ करोड़ रूपयों की रकम तीन हिस्सों में ग्राहकों को लौटाना प्रारंभ कर दिया गया हैं। साथ ही बैंक के डूबने की वजह बोगस लोन भी बाताई गई हैं और इस मामले में कुछ लोगों को गिरफ्तार भी किया गया हैं।
मीडिया को जानकारी देते हुए शिवसेना नेता गजानान किर्तिकर ने बताया कि इस बैंक में एक शिष्ठमंडल के माध्यम से एक लाख रूपए तक की रकम तुरंत अदा की जा रही हैं। इस मामले में शिवसेना की मदद से खाताधारक सुरेश पांचाल, मेहूल, अश्विन केवल रमानी, अजय कुमार, अय्यर हिरा और बडेलाल गुप्ता इन्होंने संयुक्त रूप से अदालत में याचिका दायर की थी। मगर दोनों पक्षों के बीच बातचित के बाद हुए पैâसले में इसी साल के अंदर लोगों की डूबी रकम लौटाना प्रारंभ कर दिया गया हैं।
कैलाशनाथ पाठक ने बताया कि इस बैंक से कुछ लोगों ने बोगस दस्तावेजों के आधार पर बड़ी रकम की लोन ली थी। इस भ्रष्टाचार में बैंक के कुछ कर्मचारी भी शामिल थे। लोन की रकम वापस न आने के कारण बैंक को आर्थिक परेशानियों से गुजरना पड़ा और इस वजह से वह बंद पड़ी। शिवसेना नेता गजानन किर्तीकर की पहल से इस मामले की जांच होने पर उक्त घोटाले का खुलासा हुआ। जिसमें कई आरोपी गिरफ्तार भी हुए। पाठक के मुताबिक बैवंâ के पास अब भी खाता धारकों के १२५ करोड रूपए जमा हैं। जिसमें से सभी को डूबी रकम लौटाने के बाद भी बैंक के पास २५ करोड़ रूपए शेष रहते हैं। खाता धारकों की सारी रकम २०१४ के अंत तक पूरी तरह लौटा दी जाएगी। गजानन किर्तिकर ने कहा कि काँग्रेस इस बात का झूठा श्रेय लेते हुए बेशर्मो की तरह जगह जगह अपने बोर्ड भी लगा रही हैं । स्थानीय सांसद को आज तक कोई देख नहीं पाया और वे सारे वादे पूरे करने का खोखला दावा कर रहे है।
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