मंगलवार, 4 मार्च 2014

बेटे की हत्या की न्याय के लिए तरसता पिता

मुंबई . वसई स्थित वालिव पुलिस थाना अंतर्गत एक पिता अपने बेटे की हत्या के मामले को लेकर लगातार पुलिस थाने में गुहार लगा रहा हैं। मगर वालिव पुलिस थाने में उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही हैं। पिता ब्रह्मसहाय सिंह को शक हैं कि उनके रिक्शाचालक बेचे विजय बहादूर सिंह की हत्या उसी के दोस्तों ने की हैँ।
घटना कुछ दिनों पहले की हैं। पुलिस एडीआर के मुताबिक वसई के उपलब्ध नामक होटल में मानसिंह, राजू सिंह, अजित सिंह और विजय बहादूर एकसाथ शराब पीने गए थे। जहां विजय बहादूर अचानक बेहोश हो कर गिर गया और तीनों दोस्त उसे अस्पताल ले जाने की बजाय उसे उसके घर के बाहर ही छोड़ कर चले गए। जहां वह मर गया। जबकि पिता ब्रह्मसहाय के मुताबिक बेहोश अवस्था में विजय को पड़ा देख सभी रिश्तेदार उसे अस्पताल ले गए, मगर डॉक्टरों ने उसे वहां मृत घोषित कर दिया। इसलिए साजीशन तीनों दोस्तों ने उसे मार कर घर के बाहर फेंक दिया।
ब्रह्मसहाय ने इस की लिखित शिकायत कोकण विभाग के डीआईजी एवं ठाणे ग्रामिण एसपी समेत वरिष्ठ पुलिस निरिक्षक राजेंद्र मोहिते को भी दी हैं। हालाकि अबतक लाचार पिता को अपने बेटे की हत्या के मामले में कोई न्याय नहीं मिला हैं। पिता का आरोप हैं कि पुलिस मामले को दबाने का प्रयास कर रही हैं। मगर अब मामले ने तूल पकड़ लिया हैं और अब यह मामला मानवाधिकार के दरवाजे पर दस्तक दे रहा हैं।

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