मुंबई. एक
बिजनेसमान के घर नौकरी कर उसी के घर से २२ लाख रूपए लेकर फरार होनेवाले २
नौकरों को कल गोरेगाव पुलिस गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने चौंकादेने वाला
खुलासा किया कि गिरफ्तार नौकर कोई और नहीं बल्कि झारखंड के खतरनाक
नक्सलवादी हैं और उन्हें झारखंड के नक्सलवादी इलाके से ही गिरफ्तार कर
मुंबई लाया गया।
खबर मुंबई के गोरेगाव में स्थित गैलेक्सी रॉयल टॉवर में रहने वाले बिज़नसमैन
सुदीप चक्रबोर्ती की हैं जिन्होंने कुछ दिन पहले चिंटू उर्फ़ सिंटू कुमार
यादव-२२ को अपने घर में घर का काम काज करने के लिए नोकर रखा था। इस नोकर ने
पहले अपने मालिक की खूब सेवा की फिर धीरे -धीरे उनका विश्वास जीता। जिसके
बाद सुदीप चक्रबोर्ती अपना घर अपने इस नोकर चिंटू के भरोसे छोड़कर बिंदास
रहने लगे थे। घर का सारा काम-काज चिंटू सम्भालने लगा था। २७ फरवरी को
सुदीप चक्रबोर्ती ने २२ लाख रूपए नगद से भरा एक बैग घर में लाया और उसे
कपाट के अंदर रख दिया। मालिक के घर से बाहर जाते ही नोकर चिंटू कि नजर उन
पैसे पर पड़ी और मौका पाते ही वह पैसो से भरा बैग लेकर फरार हो गया। दोनों
चीजे घर से गायब होते ही सुदिप में फौरन गोरेगांव पुलिस थाने में मामला
दर्ज करवाया। जिसके बाद वरिष्ठ पुलिस निरिक्षक अरूण जाधव ने मामले की
तहकीकात कर नक्सलवादियों का भंडाफोड भी किया। अरूण जाधव के मुताबिक ये
नक्सलवादी बिजनेसमैन के घरों में नौकरी कर उनका दिल जीत लेते हैं और मौका
पाते ही उन्हें लूट भी लेते हैं। कहीं तो पैसों के लिए ये नक्सली किसी की
जान भी ले लेते हैं। इसलिए बिना किसी जान-पहचान के नौकरों को घर में रखना
कतरनाक साबित हो सकता हैं।
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी चिंटू यादव (२२) और विनोद यादव (२५)
झारखंड के खतरनाक नक्सलवादी हैं और झारखंड पुलिस को इनकी तलाश थी। मगर
मुंबई पुलिस ने उनके इलाके में ही जाकर उन्हें धर दबोचा। मुंबई पुलिस को
सुदीप के घर से नोकर का एक आई डी प्रुफ मिला था। जिसके आधार पर पुलिस की एक
टीम झारखण्ड के नक्सलवादी इलाके में पहुंची थी। वहां कड़ी मेहनत के बाद
पुलिस ने जाल बिछाकर दोनों को गिरफ्तार किया और २१ लाख रूपए वैâश बरामद
किए। गिरफ्तार आरोपियों ने यह बात कबूल की हैं कि इससे पहले भी उन्होंने कई
व्यापारियों के घर में चोरियां की हैं। मुंबई पुलिस मामले की अधिक जांच
में जुटी हैं।
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