अजय शर्मा / मुंबई
कोल्ड्रिंग कंपनी कोकाकोला एक बार फिर अपने घटिया उत्पादन की वजह से बदनामी के टीआरपी में उच्च स्थान पर हैं। हालहीं में बांद्रा पूर्व के बीकेसी में स्थित डोमिनोज पिज्जा की शॉप में पाए गए कोका कोला की बोतल में एक मरा हुआ जहरीला कीड़ा पाया गया। अचरज की बात तो यह हैं कि इसकी इस बात की शिकायत एफडीए लेने को ही तैयार नहीं। इसलिए स्वास्थ मंत्रालय को इसकी लिखित शिकायत की गई।
यह मामला तब उजागर हुआ जब सुनील जाधव और संतोष शर्मा नामक ये दो लोग बांद्रा के डोमिनोज़ पिज्जा शॉप में पिज्जा खाने बैठे तो साथ में कोका कोला का भी आर्डर दिया गया । पिज्जा के स्वाद का तब मज़ा बिगड़ गया, जब कोका कोला कि बोतल से जहरीला कीड़ा दिखा। उसी वक्त सुनिल जाधव ने कोका कोला के कस्टमर केयर पर इस बात की शिकायत की और सभी बोतले निरस्त करने की मांग की। कोई सुनवाई न होने पर एफडीए का दरवाजा खटखटाया गया। मगर वहा के ड्रग इंस्पेक्टर वाघमारे ने चौंका देनेवाला बयान दिया कि यह उनके क्षेत्र में नहीं आता और एक लाख बोतल से ज्यादा बोतल मिले तो ही शिकायत दर्ज की जाएगी। मजबूरन संतोष और सुनिल ने स्वास्थ मंत्रालय में लिखित शिकायत की।
इस बात को लेकर सामना संवाददाता ने कोका कोला के कॉलिटी अधिकारी निलेश से फोन पर जवाब मांगा तो उन्होंने भी अपने से बड़े अधिकारियों को इसका जिम्मेदार ठहराते हुए अपना पल्ला झाड़ लिया।
कोका कोला कि बोतल से जहरीला कीड़ा मिलना यह एक बहुत बड़ी घटना है। लोगों की जान से खिलवाड करनेवाले कोकाकोला ने अबतक मुंबई भर फैले इस सीरीज के बोतलों को अभीतक स्टॉप और सीज नहीं किया। जबकि मुंबई के डॉक्टरों की टीम एवं समाजसेवी संस्थाओं ने कोकाकोला न पीने की जनता से सलाह और अपील की हैं। वहीं सरकार और प्रशासन का भी यह दायित्व बनता हैं कि जनता की सुरक्षा हेतु कड़े कदम अपनाएं।

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