किराया इनकार करने पर आरटीओं करेगा कड़ी कार्रवाई
शैलेष जायसवाल / मुंबई
मुंबई
उपनगर में रिक्शाचालकों की मनमानी फिर से सातवे आसमान पर चढ गई हैं।
मुंबईकरों की सेवा तो दूर की बात हैं। नकचढे रिक्शावाले नजदीक का किराया
इनकार कर जरूरतमंद लोगों की मदद करने से भी ऐतराज करने लगे हैं। जिसकि
शिकायत कई बार नजदीकी पुलिस थानों में कराने के बावजूद उनके रवैये पर कोई
खास असर दिखाई नहीं दे रहा हैं।
पिछले कई वर्षों से मुबईकर रिक्शाचालकों की इस मनमानी से काफी परेशान
हैं। इसी के चलते अंधेरी आरटीओ विभाग ने रिक्शाचालकों के लिए ’मैं
सुधरूंगा, मुंबई सुधरेगी’ नामक योजना की शुरूआत की। जिसमें रिक्शाचालकों को
व्यक्तिमत्व विकास की ट्रेनिंग देते हुए यात्रियों से किस तरह अच्छे
बर्ताव करें इस बात की भी हिदायतें दी गई थी। साथ ही मुंबई आरटीओं विभाग ने
एक टोल फ्री हेल्पलाईन नंबर १८००-२२-०११० भी जारी किया था कि रिक्शावाला
अगर इनकार करे तो उक्त नंबर पर उसकी शिकायत की जा सके। मगर यह सब तुक्के
पेâल होते नजर आ रहे हैं।
बता दे कि कल ही अंधेरी पूर्व रेल्वे स्टेशन पर प्रभावती मिश्रा नामक
एक ७० वर्षीय बूढी महिला जोगेश्वरी जाने के लिए कड़ी धूप में एक घंटे तक
रिक्शावालों के आगे गिड़गिड़ाती रही। आखिरकार परेशान होकर वह बेहोश हो पड़ी।
जिसके बाद संवाददाता ने पुलिस को इसकी सूचना देकर उनकी मदद से रिक्शा
बिठाकर अस्पताल पहुंचाया। इसके अलावा ज्ञात हो कि पिछले दिनों विलेपार्ले
में रहनेवाली एक गर्भवती युवती ने अंधेरी रेल्वे स्टेशन पर ही एक बच्चे को
जन्म दिया। उसने बताया कि अंधेरी के ही अस्पताल जाने के लिए उसे विलेपार्ले
से कोई रिक्शावाला नहीं मिल रहा था। इस मुद्दे को लेकर जोगेश्वरी पुलिस का
कहना हैं कि वे आगे से रिक्शा स्टैंड पर एक पुलिस कर्मी तैनात करेंगे
ताकि जरूरतमंदों को वे उचित मदद कर सके। इसी प्रकार अंधेरी व डीएन नगर के
पुलिस निरिक्षकों ने कड़ी कार्रवाई का आश्वासन देते हुए कहा कि आगे से सवारी
से इनकार करनेवाले रिक्शाचालकों नहीं बक्शा जाएगा। मुंबईकरों को सेवा देना
उनका कर्तव्य हैं। वहीं आरटीओ विभाग ने भी मुंबईकरों से अपील की हैं कि
रिक्शाचालकों मनमानी की शिकायत हेल्पलाईन पर जरूर करें। इसके अलावा रिक्शा
और टैक्सीचालकों की शिकायत http://india.gov.in पर आनलाईन भी की जा सकती हैं।
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