सोमवार, 23 दिसंबर 2013

फीस वृद्धी को लेकर स्कूल प्रशासन एवं पालकों के बीच हुई झड़प

शैलेष जायसवाल / मुंबई
    ३० प्रतिशत फीस वृद्धी को लेकर कल सोमवार को यशोधाम हाईस्कूल में पालकों एवं स्कूल प्रशासन के बीच जमकर झड़प हुई। अचानक फीस में बढोतरी किए जाने को लेकर पालकों ने स्कूल परिसर में हंगामा किया। वहीं बच्चों को तालीम देकर अच्छी शिक्षा प्रदान करनेवाले टीचर एवं प्रिंसिपल भी कल पालकों से अभद्रता से पेश आते नजर आए। उनके इस चेहरे को देखते यह अंदाज लगाया जा सकता हैं वे बच्चों को किस तरह की शिक्षा दे सकते हैं। स्कूल प्रशासन के अडियल रवैय्ये के खिलाफ पैरेंट्स एण्ड टिसर्च एसोसिएशन ने मोर्चा निकलने का फैसला किया हैं। 
    दरअसल कल स्कूल प्रशासन ने सभी पालकों को सिर्पâ इतना कहने के लिए बुलाया कि स्वूâल की फीस बढा दी गई हैं। क्यों बढा दी गई इसका जवाब समझाने के बजाए प्रशासन व टीचर्स यह कहने लगे की अगर आपकी औकात नहीं हैं तो अपने बच्चे को दूसरे स्कूल में पढाए। बस इतनी बात को लेकर गहमा गहमी हो गई और सुरक्षा कर्मी तथा पालकों के बीच जोरदार झड़प हुई। इसी बीच हंगामें को देख स्कूल में मौजूद छोटे बच्चे समझ नहीं पा रहे थे कि आखिर हो क्या रहा हैं। इस समाचार को कवरेज करने के लिए जब तमाम मीडिया कर्मी भी वहां पहुंचे तो सुरक्षा कर्मी बत्तमीजी से पेश आए। वहीं स्वूâल की प्रिसिंपल नलिनी ने पालकों एवं मीडिया को किसी भी बात का जवाब देने से इनकार कर दिया। 
    पैरेंट्स एण्ड टिसर्च एसोसिएशन (पीटीए) के सुरेखा गौड़ ने बताया कि पिछले साल स्कूल को २ करोड़ रूपए से अधिक का मुनाफा हुआ हैं। ऐसे में फीस किस बात की बढाई जा रही हैं। जबकि सुविधा के नाम पर स्कूल में कुछ भी नहीं हैं। हर बात की अलग-अलग फीस देनी पड़ती। आई कार्ड, स्टेशनरी, पिकनिक और यहा तक कि वार्षिक समारोह की भी फीस मांगी जाती हैं। सो २१५० रूपए से सीधे २९६५ रूपए फीस बढाना सरासर गलत हैं। अत: प्रशासन महंगाई को ध्यान में रखते हुए केवल ६ से ७ प्रतिशत तक ही फीस बढाए अन्यथा बच्चों के भविष्य के लिए पीटीए को मजबूरन आंदोलन करना पड़ेगा। पालक रक्षा जैन के मुताबिक स्कूल के मैनेजमेंट के किसी भी व्यक्ति ने इस मुद्दे पर चर्चा करने की बजाए सभी अविभावकों से गहमा गहमी से पेश आए। जिस पर हर किसी को गुस्सा तो आएगा हीं। इसी बत्तमीज रवैय्ये के कारण जोरदार झड़प हुई हैं। इस वजह से अच्छी स्कूल का दर्जा मानकर कुछ लोग जो यशोधाम स्कूलमें अपने बच्चों का एडमिशन कराना चाहते थे, उन्होने अब अपना मन बदल लिया हैं। कई लोगों ने प्रिसिपल का रवैय्या देखकर तो तुरंत ही दुसरी स्कूल की ओर अपना रूख कर लिया।

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