गुरुवार, 18 जुलाई 2013

अवैध बांधकामों के सर्वे के लिए अब पुलिस मदद

शैलेष जायसवाल / मुंबई
   गोरेगाव में अवैध बांधकाम का सर्वेक्षण करने के लिए प्रशासन अब पुलिस की मदद लेगा। गोरेगांव पूर्व के आरे कॉलोनी तथा पश्चिम के मोतीलाल नगर में अवैध बांधकामों पर लगाम लगाने के लिए म्हाडा एवं आरे प्रशासन ने अब सीधे पुलिस की मदद से सर्वेक्षण करने का पैâसला लिया हैं। सर्वेक्षण को स्थानीय रहिवासियों द्वारा कड़ा विरोध किए जाने पर ही संबधित अधिकारियों ने पुलिस बंदोबस्त की मांग की हैं। 
   गौरतलब हैं कि आरे प्रशासन ने अवैध बांधकाम को लेकर आरे कॉलोनी में रहनेवाले १८७६ सरकारी कर्मियों को नोटिस जारी किया हैं। इस पर कर्मचारियों का विरोध होने पर प्रशासन के सर्वे कराने का पैâसला किया हैं। वहीं दूसरी ओर धारावी में रहनेवाले मंजूल विरन ने भी मोतीलाल नगर क्रमांक १, २ और ३ में हुए अवैध बांधकाम के मामले में हाईकोर्ट में जनहीत याचिका दायर की थी। इस मामले पर सुनवाई करते हुए अदालत ने निर्देश दिया था हैं कि म्हाडा ३० जून तक ३६२८ सदनिकाओं का सर्वे कर के अवैध बांधकाम का ब्यौरा दे और उसके बाद मनपा उसपर कार्रवाई करे। 
   मोतीलाल नगर में लगभग ३०० चाल हैं। इनमें से केवल २०० चाल का सर्वे हो चुका है। सर्वे को लोगों के विरोध के चलते अदालत की दी हुई मुहलत खत्म हो गई। इसके बाद म्हाडा की ओर से समय अवधी बढाने तथा सर्वे के लिए पुलिस कीr मांग की गई। वहीं आरे कॉलोनी में तो लगभग १९५२ से पहले रहनेवालों को भी प्रशासन ने नोटीस भेज कर माहौल को और गरम कर दिया। इसलिए आरे प्रशासन के भी अवैध बांधकाम के सर्वे को लेकर विरोध होने लगा। इस बात को लेकर आरे प्रशासन ने भी अवैध बांधकाम पर रोक लगाने के लिए पुलिस की मदद मांगी हैं।

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