बुधवार, 31 अक्टूबर 2012

दोहरी मार झेल रहा रेप पीडिता का परिवार

बलात्कारी राकांपा सचिव की हिरासत बढी

  मुंबई। औरतों को नशेली दवाई पिलाकर बलात्कार करनेवाले मुंबई राकांपा सचिव मानसिंगराव भोसले को कल बुधवार को अदालत ने फिर से ९ नवंबर तक के लिए पुलिस हिरासत बढा दी है। वहीं दूसरी ओर पीडिता का परिवार दोहरी मार झेल रहा है। लगातार फोन पर मिल रही धमकियों और तानों से पीड़िता का परिवार दहशत के माहौल में जी रहा है।  गौरतलब है कि इसी मामले में जोगेश्वरी पुलिस ने तीन और राकांपा कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया है।
  सुनीता के साथ अब कोई भी अच्छे परिवार के लोग बदनामी के डर से बात नहीं करना चाहते। वहीं उसके जख्मों पर नमक छिडकते हुए कुछ फर्जी संस्था एवं राजनैतिक दलों के लुख्खों ने सुनीता के साथ यह शर्मनाक प्रस्ताव रखा कि अपराधी से सेटलमेंट करके १५ लाख रूपए की मांग कर उसे आपस में बांट लेंगे। पुलिस हिरासत में रहने के बावजूद अपराधी मानसिंगराव भोसले की ओर से पीडिता सुनीता (बदला हुआ नाम) के परिवारवालों को लगातार यह धमकियां मिल रही है कि उसके खिलाफ शिकायत को वापस ले वरना सुनीता को वह इस तरह बदनाम कर देगा कि वह शर्म के मारे जीने लायक नहीं रहेगी। सुनीता के पति ने दोपहर का सामना को बताया कि मानसिंगराव ने सभी लोगों में यह दहशत पैâला रखी है कि गृह मंत्रालय राकांपा के पास होने के कारण कोई उसका कुछ नहीं बिगाड सकता। सुनीता के पति ने मानसिंगराव द्वारा फोन पर दी गई धमकी की रिकॉडिंग भी सामना संवाददाता को दी। साथ ही पीडिता के घर पर भी कई महिला राकांपा कार्यकर्ताओं ने भी गाली गलौच की । जिसकी रिकॉर्डिंग भी पीडिता ने दोपहर का सामना को दी। लगातार मिल रही गालियां और धमकियों से सुनीता के परिवारवालोह का जीना दुभर हो गया है। दो मासूम बच्चों और पती के साथ सुनीता अपनी जान हथेली पर जीने को मजबूर है। शिकायत के बावजूद पुलिस ने अबतक सुनीता के परिवारवालों के कोई खास सुरक्षा मुहैय्या नहीं करवाई है।
   दूसरी ओर अपराधी मानसिंगराव की सोसायटी में रहनेवाले घनश्याम शिंदे ने भी आरोप लगाया है कि उन्होंने कई बार मानसिंगराव के खिलाफ राकांपा के लेटर हेड का गलत उपयोग कर लोगों को ब्लैकमेलिंग तथा धमकाने की शिकायत शरद पवार तथा स्थानीय पुलिस से की थी। न्याय की आस लेकर लगभग छह बार पुलिस थाने में लिखित शिकायत देने के बावजूद मानसिंगराव पर कोई कार्रवाई नहीं हो पायी। जिससे लोगों में उसका खौफ बढता गया। इस बार कई संस्थाओं को दबाव के कारण ही बलात्कारी मानसिंगराव की गिरफ्तारी संभव हो सकी। मानसिंगराव के जुल्मों के शिकार लोगों का अब भी यह कहना है कि उसकी पहुंच दूर तक होने के कारण उसके खिलाफ हो रही कार्रवाई में शायद ढील बरती जा सकती है।

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