मुंबई. गोरेगांव पूर्व के हब मॉल के पास स्थित काम
इंडस्ट्रियल इस्टेट में एक टेम्पो चालक ने ८ वर्षीय बालक को कुचल दिया।
घटना के वक्त वहां मौजूद कुछ महिलाओं ने उस टेम्पोचालक का पीछा किया तो वह
अपना टेम्पो वही छोड़ कर फरार हो गया। घटना में सनी नाम का मासूम बच्चा बुरी
तरह घायल हो गया और उसके कमर तथा सर में कुल ६० टांके लग चुके है और वह
ओबरॉय मॉल के पास स्थित तुषार अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच अपनी सांसे
गिन रहा है।
घटनास्थल पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शि महिला सोनाली परब में दोपहर का सामना को बताया कि शाम ठीक ४.३० बजे कामा इंडस्ट्रिज की गली में टेम्पो क्रमांक एमएच ०४, एफडी ३९२३ के चालक ने लापरवाही से गाड़ी चलाते हुए एक ८ वर्षीय सनी नामक एक मजदूर के बच्चे को कुचल दिया। बच्चा टेम्पो के टायर में बुरी तरह फंस गया और काफी दूर तक उसे घसीटा गया। दूसरी प्रत्यक्षदर्शि महिला गीता जायसवाल ने बताया कि टेम्पो चालक ने बाद में गाड़ी को रोका और टायर में फसे सनी को निकालकर बाजू में रख दिया और टेम्पो लेकर फरार होने लगा। तभी वहां मौजूद महिला शर्मिन पठाण तथा श्राबनी विश्वास तथा उक्त दोनों महिलाओं ने टेम्पों को रोकने की कोशिश की मगर वह अपना टेम्पो वही छोड़ कर फरार हो गया।
कामा इस्टेट में ही एक झोपड़पट्टी में रहनेवाले सनी का पिता सत्यप्रकाश प्रजापति (३८) कढिया मजदूरी का काम करता हैं। सनी गोरेगांव के ही पहाड़ी स्वूâल में २ री कक्षा में पढ़ता है। तीन बच्चों में सनी सबसे बड़ा बेटा है। लोगों के मुताबिक शराब पीकर टेम्पो चलानेवालों की इस इलाके में काफी तादाद बढ़ गई है। जिससे आए दिन यहा किसी न किसी की टेम्पों से दुर्घटना होती है। गौरतलब है कि किसी भी दुर्घटना की शिकायत पुलिस में दर्ज नहीं हो पाती है। उक्त मामले में भी पुलिस ने केस को रफा-दफा करने की कोशिश की। मगर चारों महिलाओं के बयान और परिमंडल १२ के डीसीपी संजय दाभाडे की मध्यस्ता से वनराई पुलिस के वरिष्ठ पुलिस निरिक्षक सुरेश शिंदे ने मामला दर्ज किया। बाद में टेम्पो के मालिक युसूफ थाने में लाया गया। मगर खबर लिखे जाने तक चालक फरार ही था। उन चारो जांबाज महिलाओं ने सनी को अस्पताल में भर्ती तो करा दिया। मगर उसके पीठ का सारा मांस निकल जाने और कमर की हड्डी पूरी तरह टूट जाने से उसकी हालत काफी गंभीर है। उक्त चारों महिलाएं पास के एक सामाजिक संस्था में काम करती है।
घटनास्थल पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शि महिला सोनाली परब में दोपहर का सामना को बताया कि शाम ठीक ४.३० बजे कामा इंडस्ट्रिज की गली में टेम्पो क्रमांक एमएच ०४, एफडी ३९२३ के चालक ने लापरवाही से गाड़ी चलाते हुए एक ८ वर्षीय सनी नामक एक मजदूर के बच्चे को कुचल दिया। बच्चा टेम्पो के टायर में बुरी तरह फंस गया और काफी दूर तक उसे घसीटा गया। दूसरी प्रत्यक्षदर्शि महिला गीता जायसवाल ने बताया कि टेम्पो चालक ने बाद में गाड़ी को रोका और टायर में फसे सनी को निकालकर बाजू में रख दिया और टेम्पो लेकर फरार होने लगा। तभी वहां मौजूद महिला शर्मिन पठाण तथा श्राबनी विश्वास तथा उक्त दोनों महिलाओं ने टेम्पों को रोकने की कोशिश की मगर वह अपना टेम्पो वही छोड़ कर फरार हो गया।
कामा इस्टेट में ही एक झोपड़पट्टी में रहनेवाले सनी का पिता सत्यप्रकाश प्रजापति (३८) कढिया मजदूरी का काम करता हैं। सनी गोरेगांव के ही पहाड़ी स्वूâल में २ री कक्षा में पढ़ता है। तीन बच्चों में सनी सबसे बड़ा बेटा है। लोगों के मुताबिक शराब पीकर टेम्पो चलानेवालों की इस इलाके में काफी तादाद बढ़ गई है। जिससे आए दिन यहा किसी न किसी की टेम्पों से दुर्घटना होती है। गौरतलब है कि किसी भी दुर्घटना की शिकायत पुलिस में दर्ज नहीं हो पाती है। उक्त मामले में भी पुलिस ने केस को रफा-दफा करने की कोशिश की। मगर चारों महिलाओं के बयान और परिमंडल १२ के डीसीपी संजय दाभाडे की मध्यस्ता से वनराई पुलिस के वरिष्ठ पुलिस निरिक्षक सुरेश शिंदे ने मामला दर्ज किया। बाद में टेम्पो के मालिक युसूफ थाने में लाया गया। मगर खबर लिखे जाने तक चालक फरार ही था। उन चारो जांबाज महिलाओं ने सनी को अस्पताल में भर्ती तो करा दिया। मगर उसके पीठ का सारा मांस निकल जाने और कमर की हड्डी पूरी तरह टूट जाने से उसकी हालत काफी गंभीर है। उक्त चारों महिलाएं पास के एक सामाजिक संस्था में काम करती है।
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