स्खलित हो रहा है गिलबर्ट हिल
मुंबई. अंधेरी पश्चिम स्थित बहुचर्चित पुराने खतरनाक गिलबर्ट हिल के खिसकने के डर से आस-पास रहनेवाले लोगों पर अब मौत का खतरा मंडराने लगा है। मुंबई मनपा ने पहले ही चेतावनी जारी कर दी है कि गिलबर्ट हिल का कभी भी भूस्खलन हो सकता है। जिसको लेकर कल गुरूवार को हाईकोर्ट ने खतरा और भूस्खलन को टालने के लिए गिलबर्ट हिल को नेटिंग करने का महत्वपूर्ण आदेश जारी कर दिया है।
वैज्ञानिकों के मुताबिक अंधेरी की पहचान माना जानेवाला गिलबर्ट हिल कई साल पहले ज्वालामुखी के लावे से तैयार हुआ था। तभी से ५० हजार वर्ग फुट में फैला हुआ १९७ फीट ऊंचा यह पहाड पूर्ववत अवस्था में खड़ा है। स्थानीय रहिवासियों की माने तो गिल्बर्ट हिल इलाके के आस-पास तेजी से बढते बांधकामों के चलते गिलबर्ट हिल के भुस्खलन का खतरा अधिक बढ गया है। जिसको लेकर विश्व विरासत गिलबर्ट हिल के अस्तित्व पर अब सवालिया निशान खड़ा हो गया है।
ज्ञात हो कि पिछले साल ही गिलबर्ट हिल के पास बिल्डरों के अवैध बांधकाम को लेकर अदालत में जनहित याचिका दायर की गई थी। गांवदेवी दुर्गा देवस्थान मंदिर के ट्रस्टी शैल राणे एवं शिवसेना नगरसेवक येल्लप्पा खुशालकर ने अदालत से अनुरोध किया था कि विश्व धरोहर घोषित इस गिलबर्ट हिल की सुरक्षा के लिए उचित उपाय किए जाए और इससे उचित दूरी पर इमारते बनाई जाए। हालांकि मनपा प्रशासन ने पहले ही पहाड़ी से उचित दूरी पर बिल्डरों को इमारते बनाने का निर्देश दिया था। कल हाईकोर्ट ने सारे दलिलों को सुनकर मनपा प्रशासन को गिलबर्ट हिल को तत्लाल केबल नेटिंग करने का आदेश जारी कर दिया है। इसके साथ ही भविष्य में गिल्बर्ट हिल के आस-पास होनेवाले अवैध निर्माणों पर भी नजर रखने की सूचना दे दी है। जिसके चलते यहा जारी अवैध निर्माणों पर कानूनी शिवंâजा कसने की संभावना जताई जा रही है।
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