शुक्रवार, 17 फ़रवरी 2012

मनपा का प्युन अब बन गया नगरसेवक

    मुंबई. कल तक मुंबई के मनपा मुख्य कार्यालय में प्युन के तौर पर काम करनेवाले कर्मचारी के हाथों आज मनपा की सत्ता आ जाने से जोगेश्वरी में एक मिसाल कायम हो गई है। महज १७ हजार रूपए के तनख्वाह पर लेटर डिस्पैच का काम करनेवाले मेहनकश जितेंद्र वलवी को आदिवासी वार्ड नं. ४७ से  ११ हजार ६२७ बहुमत हासिल हुआ है। 
    शिवसेना विधायक रविंद्र वायकर के साथ गटप्रमुख के तौर पर जुड़े जितेद्र वलवी एक गरीब तबके से थे। जिन्हें वायकर की मदद से मनपा मुख्य कार्यालय में आदिवासी आरक्षण कोटे के तहत महज ४ महिने पहले नौकरी मिली थी। उसके बाद शिवसेना ने उनकी मेहनत और निष्ठा को देख कर अपना उम्मीदवार घोषित किया और आज वे एक नगरसेवक के रूप में आदिवासी लोगों की सेवा के लिए तैयार है। 
    गौरतलब है कि शिवसेना के सबसे पुराने कार्यकर्ता जितेंद्र ने अपने इलाके में शिवसेना का गढ कायम रखा। जिसके चलते उन्हें ५ हजार ५१७ मतों से बढ़त हासिल हुई। बता दें कि उनके समक्ष दूसरे नंबर पर रहे कांग्रेस के उम्मीदवार अनिल दलवी का महज ६ हजार ११० मतों पर ही सुपड़ा साफ हो गया। जबकि तीसरे नंबर पर रहे मनसे के राजू शेखर को सिर्फ ५ हजार ५०५ वोटों पर ही संतोष मानना पड़ा। 

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