गुरुवार, 2 फ़रवरी 2012

मुंबई में निर्दलीय उम्मीदवारों की सुनामी



- दो हजार से ज्यादा निर्दलीय उम्मीदवारों ने भरे नामांकन
- कार्यकर्ताओं को सक्रीय बनाने के लिए बटने लगी हैं नोट और शराब
- किराए पर प्रचारक बुलाने की कवायद, महिला २५० रू. में, पुरूष ४०० रू. में

(शैलेष जायसवाल)
   मुंबई महानगर पालिका के चुनाव में इस बार राजनैतिक दलों में चुनावी टिकट को लेकर नाराजगी के चलते निर्दलीय उम्मीदवारों की सूचि में बढोतरी हो गई है। कल नामांकन के आखरी दिन तक दो हजार से अधिक निर्दलीय उम्मीदवारों ने अपने नामांकन भरे। इसके साथ ही चुनावी क्षेत्र में अपना वजन बढ़ाने के शक्ति प्रदर्शन दिखाने की कवायद भी शुरू हो गई है। जिसके चलते कई उम्मीदवारों ने तो कार्यकर्ताओं के बीच शराब और नोट भी बांटने शुरू कर दिए हैं। यहां तक की देखा गया है कि कई उम्मीदवारों के बीच किराए पर भी प्रचार के लिए चमचे मंगवाने की होड मची हुई है। जिसमें बीच की मलाई मारने में मधस्थ कार्यकर्ताओं की अब चांदी होनेवाली है।
   महाराष्ट्र की मुख्य चुनाव आयुक्त नीला सत्यनारायण ने ३१ जनवरी की शाम को दिए बयान के मुताबिक इस बार के चुनाव में मुंबई में २२७ सीटों के लिए २ हजार से अधिक निर्दलीय उम्मीदवारों ने अपना नामांकन दिया है जो कि राजनैतिक दलों के उम्मीदवारों की तुलना में सबसे अधिक है। राजनैतिक विश्लेषक एवं ’मुंबई बीएमसी इलेक्शन डॉट कॉम’ के संपादक नजामुद्दीन बुकवाला उर्पâ मनोज के मुताबिक इस बार चुनावी टिकट न मिल पाने को लेकर उनकी नाराजगी मजह उनका लालच है। मुंबई मनपा में दिखाई दे रही मलाई को खाने के लिए ही वे अपनी तकदीर आजमा रहे हैं। जबकि लोगों की सेवा से इनको कोई लेना देना नहीं है। 
   हर चौखट पर वोटों की भीख मांगते हुए खास कर कांग्रेसी अपने प्रचार की प्लानिंग में लग चुके हैं। सुत्रों के मुताबिक अंधेरी, गोरेगांव और जोगेश्वरी की झोपडपट्टी में रहनेवाली महिलाओं को प्रचार में नारे लगाने के लिए उन्हें दिन के २५० रू. और पुरूषों को ४०० रू. तक दिए जाएंगे। इसके लिए कांग्रेस-राकांपा के नेताओं ने गली वूâचों की खाक छानना भी शुरू कर दिया है। जानकारों के मुताबिक पिछले चुनाव में महिलाओं को १०० रू. और पुरूषों को २०० रू. प्रतिदिन के हिसाब से नोट बांटे गए थे।  इस बार आस-पास के रिश्तेदारों को भी भीड जमा करने के लिए प्रचार सभा में लाने का प्लान बनाया गया है। यहा तक कि गांव से भी रिश्तेदारों को बुलवाने की कवायद जारी है। जिससे प्रचार करनेवाले लोगों की कमाई भी हो जाए और प्रचार के लिए लोगों की कमी भी न पड़े। ताकि प्रतिद्वंदी उम्मीदवार के सामने नेता का ’वेटेज’ बना रहे। 
कांग्रेसी सुत्रों के मुताबिक जोगेश्वरी के कई बड़े कांग्रेसी नेताओं ने अभी से ही प्रचारकों में शराब की बोतले बांटनी शुरू कर दी है। ताकि शहद की मख्खी की तरह शराबी प्रचारकों का जनसैलाब उनके आस-पास ही मंडराता रहे।

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