शैलेष जायसवाल
मुंबई मनपा चुनाव को लेकर अभी से ही कांग्रेसी खेमें में चारों ओर नाराजगी के सूर उभरने लगे हैं। सांसद प्रिया दत्त, गुरुदास कामत एवं संजय निरुपम के चुनावी क्षेत्र में कांग्रेस द्वारा नियुक्त किए गए अनुभवहीन निरिक्षकों को लेकर पदाधिकारियों में तीव्र नाराजगी एवं असंतोष का महौल खड़ा हो गया है। इस बात को लेकर आला अधिकारियों को शिकायत कर कार्यकर्ताओं द्वारा धमकियां भी दी जा रही है कि अगर पैâसले को नहीं बदला गया तो दल बदल देंगे।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण के हस्तक्षेप के चलते गुरुदास कामत और किरपा भैइया के बीच की दूरियां कम होती दिखाई दे रही थी। मगर अब चुनावी निरीक्षकों की नियुक्ती को लेकर कामत किरपा भैइया पर फिर से भड़क उठे हैं। बता दें कि किरपा महाराज ने कामत के चुनावी क्षेत्र में उनके कट्टर विरोधी मानेजानेवाले मधू चव्हाण की निरिक्षक के रूप में नियुक्ती की है। हालांकि चव्हाण हे काँग्रेस बड़े नेता मुरली देवरा के समर्थक माने जाते हैं। स्थानीय बड़े नेताओं से बिना विचार विमर्श के उनके क्षेत्र में नियुक्त किए गए निरिक्षकों के विरोध को लेकर भावी कांगे्रेस के चुनावी प्रत्याशियों ने भी बगावत का बिगुल पूंâक दिया है। पूर्व कांग्रेसी नगर सेविका विजया कदम और रघुनाथ कदम भी एक ही वार्ड न ६६ से चुनाव लड़ने के इच्छुक है। मगर राजेश हेगड़े एवं लोणा रावत के चलते इनकी दाल गलते दिखाई नहीं दे रही है। इस कारण इसी आशा में वे है कि शायद गुरूदास का कुछ समर्थन किया जाए तो टिकट मिलने की संभावना हो।
दूसरी ओर कामत जहां रहते हैं वहां ईशान्य मुंबई में महिला व बालविकास मंत्री वर्षा गायकवाड को निरिक्षक बनाया गया है। जबकि सांसद प्रिया दत्त के क्षेत्र में उनके ही विरोधी सचिन सावंत और निजामुद्दीन राईन की नियुक्ती की गई है। बताया जाता है कि प्रिया के पिता सुनील दत्त जब सांसद थे तब कृपाशंकर सिंग उनके खास समर्थक थे। मगर पिछले कुछ सालों में कृपाशंकर और प्रिया के बीच दूरियां बन गई है।
वहीं उत्तर मुंबई के सांसद संजय निरूपम की टांग खीचने के लिए उनके क्षेत्र में वस्त्रोद्योग मंत्री नसीम खान को निरिक्षक बनाया गया है। हालांकि कृपाशंकर को मुंबई वंâग्रेस के अध्यक्ष पद से हटाए जाने पर संजय निरूपम को कुर्सी दिए जाने की चर्चा अब भी चल रही है। इसलिए यह माना जा रहा है कि निरुपम शह देने के लिए वहां नसीम खान और किसन जाधव ड्युटी पर लगाया गया है। जबकि कांग्रेसी सुत्रों के अनुसार सांसद मिलिंद देवर और एकनाथ गायकवाड इनके क्षेत्र में उनसे चर्चा करने के बाद ही वहां पर निरीक्षक नियुक्त किया गया।
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