बुधवार, 4 जनवरी 2012

अवैध बांग्लादेशी मुसलमानों से होगा मुंबई को खतरा

(शैलेष जायसवाल)
   मुंबई के पश्चिम उपनगरों में बढ़ते अवैध बांग्लादेशियों की तादाद मुंबई की सुरक्षा के लिए चिंता का विषय बनता जा रहा है। खुफिया सुत्रों को शक हैं कि इनके तार पाकिस्तानी आतंकवादियों से जुड़े हो सकते हैं। जिसके चलते यह भय व्यक्त किया जा रहा है कि बिना किसी पु्रफ के मुंबई में रह रहे ये बांगलादेशी मुसलमान किसी खतरनाक इरादे को अंजाम दे सकते है। इसी को लेकर नैशनल इंस्टिट्युट ऑफ जेहाद अगेंस्ट एट्रो एण्ड टेरेरिजम (निजात) नामक संस्था ने शहर में कई इलाकों में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशियों की कड़ी जांच करवाने की मांग सरकारी सुरक्षा विभाग से की है।
   स्थानीय समाज सेवक जावेद इस्माईल पटेल का मानना है कि जोगेश्वरी में कई नामी बिल्डर अवैध बांग्लादेशी मुसलमानों को अपने मकानों में रखते हैं। जबकि स्थानीय लोगों को संदिग्ध नजर आनेवाले इन बांग्लादेशी मुसलमानों पर कभी पुलिस ने शक नहीं किया और न हीं इनके भारतीय होने का सबूत मांगा। जिसका बड़ा खामियाजा मुंबईकरों को भुगतना पड़ सकता हैं। जावेद के मुताबिक ओशिवरा और बेहराम बाग में रहनेवाले कई बांग्लादेशी मुसलमानों से उन्होंने जब परिचय पूछना चाहा तो उन्होंने अपने को कोलकाता का रहिवासी बताया। मगर जब जावेद ने इनकी पूरी छानबिन की तो पता चला कि ये भारत के ही रहिवासी नहीं हैं। 
दोपहर का सामना को जानकारी देते हुए ’निजात’ संस्था के संयोजक हाजी हैदर आ़जम ने बताया कि दुबई और मुबई के अवैध धंधों पर अब भी अंडरवल्र्ड डॉन दाऊद का राज चल रहा है। जिसके सबूत के तौर पर ’निजात’ संस्था ने दो माह पहले दाऊद के ऐसे दलालों की जानकारी पुलिस को दी थी जो अवैध रूप से लड़कियों को जिस्मफरोशी के लिए दुबई ले जा रहे थे। हालांकि लड़कियां तो छुड़ा ली गई, मगर दलालों की गिरफ्तारी नहीं हुई। 
   गौरतलब है कि बांग्लादेश दुनिया में तीसरा सबसे बड़ा आतंकवादी देश के नाम से परिचित है। जहां से पहले भी कई बार मुंबई में हमले हो चुके है। बता दे कि २००५ में मुंबई में हुए हमले के आरोप में मुजाहिद्दीन नामक बांग्लादेशी मुसलमान को गिरफ्तार किया था। जो फिछले कई सालों में अवैध रूप से मुंबई में रह रहा था। एटीएस के मुताबिक मुजाहिद्दीन को हमले में पाकिस्तानियों ने मदद की थी। इसी आशंका के चलते ’निजात’ ने सुरक्षा विभाग से गुहार लगाई है कि जल्द से जल्द पुलिस को छापा मार कर अवैध रूप से रहनेवाले बांग्लादेशी मुसलमानों की आतंकवादी गतिविधियों पर रोक लगानी चाहिए। भारतीय खुफिया एजंसी के मुताबिक बांग्लादेश के सीखागढ़ में पाकिस्तानी आतंकवादियों को ट्रेनिंग देने लगे हैं। ढाका में भी आतंकियों ने अपना अड्डा बना लिया है। वहा से वे मुंबई में हमले की साजीश रच सकते हैं। ढाका में एक सुरक्षा विश्लेषक मेजर जनरल सैय्यद मुहम्मद इब्राहिम का कहना है कि दुर्भाग्य से कुछ बांग्लादेशी  भी जो आतंकवाद में रुचि रखते हैं, वे अपने देश को आतंकवाद का जंक्शन बना रहे हैं। महज कश्मीर की थोडी जमीन के लिए कुछ देश आपस में लड़ कर खून खराबा कर रहे हैं। 
   हाजी हैदर के मुताबिक जोगेश्वरी में इस तरके कई अवैध बांग्लादेशी मुसलमानों की तादाद है। जिन्होंने अबतक अपने राशन कार्ड से लेकर हर जरूरी दस्तावेज बना लिए हैं। स्थानीय लोगों की भी यह जिम्मेदारी बनती है कि वे ऐसे संदिग्ध लोगों की जानकारी पुलिस को दे। उन्होंने बताया कि ’जेहाद’ का गलत मतलब निकालक कर आतंक फ़ैलाने वाले मुसलमानों को उनकी संस्था सही रास्ते पर लाने का काम करती है। जेहाद का मतलब आतंक पैâलाना नहीं बल्कि इनसान को अपने आप पर काबू पाना और अल्लाह के बताए हुए नेक रास्ते पर चलना। वही मुसलमान का मतलब भी मुसल इमान यानी एक सच्चा और नेक इनसान होता है। इसलिए हर कोई अपना मजहब सिर्पâ दिलों में रखे न कि उसका दिखावा कर आतंक को बढ़ावा दे। 

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