पुलिस कर्मी भी करता था लड़कियों की दलाली
(शैलेष जायसवाल)
देह व्यापार महानगरों की मेट्रो लाइफ का हिस्सा बनता जा रहा है। अंधेरी के चार बंगला तथा म्हाडा कॉलोनी इस हाईप्रोफाईल इलाके में वेश्याव्यवसाय में लिप्त २२ लड़कियोको गिरफ्तार करने के बाद इस बात का खुलासा हुआ है कि कई नाबालिग और मासूम लड़कियों को हार्मोंस के इंजेक्शन देकर देह व्यापार में धकेला जा रहा है। सबसे शर्म की बात तो यह है कि खुद को कानून का रखवाला कहनेवाला पुलिस कर्मी भी इसमें लिप्त पाया गया।
म्हाडा कॉलनी में स्थित एक बिल्डिंग के फ्लैट में चल रहे अवैध सेक्स रॅकेट का शनिवार को सुबह पुलिस की समाजसेवा शाखा ने भंडाफोड कर २२ लड़कियों के अलावा १२ दलालों समेत १५ लोगों को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार किए गए लोगों में वर्साेवा पुलिस थाने के कॉन्स्टेबल अरविंद कदम का भी समावेश है। ाqमली जानकारी के अनुसार अरविंद कदम खुद इस रैकेट को चलाने में बराबर का हिस्सेदार था। साथ ही बड़े हाईप्रोफाईल लोगों के यहां खुद जाकर लड़कियों की दलाली भी करता था। फिलहाल फ्लैट मालिक के बारे पुलिस अधिक पूछताछ कर रही है।
सुत्रों के अनुसार अंधेरी से छुडाई गई लड़कियों में से एक लड़की गर्भवती बताई गई है। जबकि ४ लड़किया नाबालिग बताई गई है। पुलिस ने इस मामले में मुकदमा दर्ज कर शहर के अन्य दलालों की तलाश शुरू कर दी है। फिलहाल पुलिस ने देहव्यवसाय करनेवाली लड़कियों और दलालों के पास से १५ मोबाईल फोन बरामद किए हैं। पुलिस ने इनके मोबाईल फोन रिकॉर्ड मंगाए हैं । एसीपी फिरोज पटेल ने कहा है कि मोबाईल फोन्स के रिकॉर्ड आते ही शहर के कई बड़े नामचीन हस्तियों के गिरेबान पर भी पुलिस के हाथ जाने की संभावना है।
पुलिस उपायुक्त बी. जी. शेखर के मुताबिक मासूम लड़कियां बेहतर जिंदगी देने के नाम पर देश के अलग-अलग राज्यों से ये लड़किया झांसा देकर लाई गई हैं। आरोप है कि इन लड़कियों को न सिर्फ देह व्यापार के धंधे में धकेला गया बल्कि कम उम्र में बड़ा दिखने और प्रेगनेंसी रोकने के लिए इंजेक्शन तक का इस्तेमाल किया गया। बता दे कि पिछले दिनों एक एनजीओ की मदद से मुंबई पुलिस की टीम ने जब शहर के अलग-अलग इलाकों में छापा मारा तो २९ लड़कियों समेत ३१ बच्चे भी छुड़ाए गए। साथ ही मौके से ३० इंजेक्शन भी बरामद हुए।
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