शिवसैनिकों ने किया आंदोलन
मुंबई. आरे कालोनी में नाबालिग बच्चियों पर हो रहे बलात्कार की घटनाओं में इन दिनों काफी बढ़ोतरी हो रही है। तीन दिन पहले भी गोरेगाव पूर्व के आरे कॉलोनी में स्थित युनिट क्रमांट ३२ में एक ९ वर्षीय बच्ची का बलात्कार किया गया। मगर फिर भी बलात्कार की घटनाओं पर अंवूâश लगाने में नाकाम पुलिस अपराधियों को स़जा दिलाने में कोताही बरत रही है। जिसके लिए आतंकित हुए स्थानीय लोगों ने और शिवसैनिकों ने आरे पुलिस थाना पर कल ११ बजे सुरक्षा की मांग को लकर विशाल मोर्चा निकाला.
आरे युनिट क्रमांक ३२ में रहनेवाले एक रिक्षाचालक की बेटी को चॉकलेट देकर अभियुक्त सचिन उर्फ सोन्या विवेक वानखेडे (२३) ने सोमवार को आरे के जंगल में उसके साथ बलात्कार का प्रयास किया । उसी दिन दोपहर को खून से लतपत पी़डित लड़की ने जब अपनी मां को सारी बात बताई तो पड़ौसियों ने पुलिस में मामला दर्ज करवाया। उसी दिन लड़के की गिरफ्तारी हुई, मगर दूसरे ही दिन छुट्टी होने के बावजूद सबूतों के अभाव में उसे बेल पर रिहा कर दिया गया। वरिष्ठ पुलिस निरिक्षक लक्ष्मण टोणपे के मुताबिक आरोपी के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिले है और मेडिकल रिपोर्ट में भी बच्ची पर बलात्कार की पुष्टी नहीं हुई है। जबकि लड़की के शरीर पर कई जगह नाखून के निशान थे। लड़की के माता पिता की माने तो उसके गुप्तांग से भी काफी खून निकल रहा था और कपड़ों पर भी विर्य के निशान पाए गए। मगर इसके बावजूद पुलिस आरोपी को बचाने का प्रयास कर रही है। मेडिकल रिपोर्ट की दोबारा जांच करवा कर आरोपी को गिरफ्तारी की मांग करते हुए शिवसेना महिला उप विभाग प्रमुख शालिनी सावंत ने मिडिया को बताया कि आरोपी पहले से ही चरीत्रहीन है और उसपर कई मामले भी दर्ज है। ाqफर भी पुलिस उस पर महज धारा ३५४ के तहत मामला दर्ज कर आरोपी को बचाने का प्रयास कर रही है।
अदालत में उसे तुरंत बेल मिलते ही जब रवींद्र वायकर ने आरे पुलिस से इसपर जवाब मांगा। इसपर समाधान कारक कार्रवाई न होते देख उन्होंने गुरूवार को पुलिस थाना पर मोर्चा निकालने का पैâसला किया। जिसके बाद सैंकड़ों महिला शिवसैनिकों ने जब हंगामा खड़ा किया तोे पुलिस को उनके आगे नतमस्तक होना पड़ा। पुलिस उपायुक्त राजेन्द्र दाभाड़े ने पी़डित माता-पिता को आश्वासन दिया कि अपराधी पर दोबारा मामला दर्ज कर उसे तड़ीपार किया जाएगा। खबर लिखे जाने तक पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई किए जाने की सूचना नहीं मिली थी। साथ ही सहायक उपायुक्त मारुती राठोड ने आंदोलनकारियों के बीच आकर माईक पर बोल कर यह आश्वासन दिया कि आरोपी पर फिर से कार्रवाई की जाएगी।
रवींद्र वायकर के नेतृत्व में किए गए इस आंदोलन में सभागृह नेता सुनील प्रभू, महिला विभाग संघटक साधना माने, उपविभाग प्रमुख अनंत भोसले, विश्वनाथ सावंत, महिला उपविभाग प्रमुख शालिनी सावंत, रचना सावंत, शाखाप्रमुख जनार्दन चव्हाण, महिला शाखा संघटक नीलाक्षी भांबल, शाखाप्रमुख जयवंत लाड, गांधी, सुभाष मांजरेकर, कालिदास कांदलगांवकर, ज्ञानेश्वर सावंत, भाई मिर्लेकर आदी पदाधिकारी व युवा सैनिक समेत स्थानिक नागरिक सैंकड़ों की संख्या में उपस्थित थे।
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