शुक्रवार, 20 मई 2011

बकाया न चुकाने के कारण २२ लोगों की सुरक्षा हटाई जाएगी

शैलेष जायसवाल / मुंबई
सशुल्क पुलिस सुरक्षा की बकाया रकम न भरने के कारण अंधेरी के कुछ व्हीआयपी लोगों की सुरक्षा हटाने का फैसला पुलिस ने किया है। खुद की सुरक्षा के लिए सशुल्क पुलिस सुरक्षा की मांग करनेवाले कुछ नेता व उद्योगपतियों द्वारा कई महिनों से पुलिस सुरक्षा की बकाया राशी नहीं दी गई। जिसके चलते पुलिस विभाग को मजबूरन २२ प्रतिष्ठित व्यक्तियों के खिलाफ यह कदम उठाना पड़ा।
व्हीव्हीआयपी लोगों का सुरक्षा के लिए पुलिस दल के सुरक्षा विभाग की ओर से ही सुरक्षा मुहैय्या करायी जाती है। जबकि कुछ खास लोगों की मांग पर उन्हें सशुल्क सुरक्षा दी गई है। मगर कुछ प्रतिष्ठित व्यक्तियों ने कई महिनों की सुरक्षा शुल्क पुलिस को नहीं दी है। इनमें से अधिकांश अंधेरी के बड़े व्यवसायी और नेता भी शामिल है। 
पुलिस सुत्रों से मिली जानकारी के अनुसार रिकॉर्ड में अंधेरी के बड़े व्यापारी सुनील जैन के ऊपर  २०१० ते मार्च २०११ तक ४ लाख ३५ हजार ३३० रूपए तक की राशी बकाया है। जबकि प्रसिद्ध एडव्होकेट माजिद मेनन की मार्च २०११ तक ९० हजार सात सौ १० रुपए बकाया है। वहीं नंदकुमार नाईक ने भी मई २०१० से अगस्त २०१० तक ५७ हजार रुपए की बकाया राशी सुरक्षा विभाग में नहीं दी है। इसके बावजूद इन सभी को अब तक सुरक्षा प्रदान की जा रही है। मगर अब  उन सभी २२ प्रतिष्ठित व्यक्तियों की सुरक्षा हटाने का आदेश मुंबई जिलाधिकारी ने जारी कर दिया है। अंचभे की बात तो यह है कि कुछ समाज का प्रतिनिधित्व करनेवाले और अपने को नेता कहलानेवाले व्हीआयपीयों ने भी सुरक्षा विभाग को रकम नहीं चुकायी है। 


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